Posted by: chawlamahender | April 15, 2009

आसाराम बापू का जन्म दिन्

आसाराम बापू का जन्म दिन्

आज डोंगी आसाराम व उसके अन्धश्रदालू आसाराम का जन्मदिन मना रहे है. दोस्तों धर्म व गुरू के नाम पर लोगो को लूटने वाले इस पाखंडी आसाराम के आश्रम से एक गुरूभक्ति नामक पुस्तक लोगो को बेची जाती है. यह वही पुस्तक है जिससे आसाराम लोगो को अपने गुरू यानी आसाराम का जन्म दिन धूमधाम से मनाने का उपदेश देता है और अन्धश्रदालू लोग उनके गुरू यानी इस ढोंगी,पाखंडी,व्याभिचारी और लुटेरे आसाराम का जन्म दिन मनाने लग जाते है क्योंकि लोगो की श्रद्वा तो सच्ची है.

आसाराम स्वयं का जन्म दिन मनवाने के लिए लोगो को अपने गुरु का जन्मदिन धूमधाम से मनाने का उपदेश देता है. लेकिन ये गुणचोर आसाराम भूल जाता है कि उसका भी कोई गुरू था जिनके नाम से ये व्याभिचारी आज तक खा रहा है.

आसाराम अपने गुरू परम पूज्य सन्त श्री लीलाशाह जी का जन्मोत्सव क्यो नही मनाता ???????????????

क्या आसाराम का अपने गुरू के लिए कोई कर्तव्य नही है????????????????????????????????????

दूसरो को गुरूभक्ति का उपदेश देने वाले आसाराम की गुरूभक्ति कँहा है ???????????????????????????

आसाराम अपने गुरू परम पूज्य सन्त श्री लीलाशाह जी की समाधी पर वर्ष मे एक बार भी क्यों नही जाता ??????????????

आसाराम अपने चेलो से अपनी पूजा करवाता है लेकिन आसाराम जिसका चेला है उनकी पूजा क्यो नही करता ????????????????

आसाराम ने सभी आश्रम अपने नाम से क्यो बनवाए, एक भी आश्रम अपने गुरू परम पूज्य सन्त श्री लीलाशाह जी के नाम पर क्यो नही बनवाया ???????????

दोस्तो एक बात साफ है कि आसाराम खुद तो अपने गुरु की पूजा करता नही है और खुद गुरु बनकर भोले-भाले लोगो को ईश्वर से विमुख करके हिरणाकशप् ,कंस और रावण की तरह अपनी पूजा करवा रहा है.


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